ऑरेंज जोन में 21 दिनों तक पॉजिटिव नहीं मिला तो ग्रीन जोन

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झारखंड स्वास्थ्य सेवा के मार्च 2022 तक सेवानिवृत होने वाले चिकित्सकों को राज्य सरकार ने सेवा अवधि में विस्तार करने का निर्णय लिया है।
झारखंड स्वास्थ्य सेवा के मार्च 2022 तक सेवानिवृत होने वाले चिकित्सकों को राज्य सरकार ने सेवा अवधि में विस्तार करने का निर्णय लिया है।

रांची। ऑरेंज जोन में 21 दिनों तक कोई कोरोना पॉजिटिव केस नहीं मिला तो उसे ग्रीन जोन में शामिल किया जाएगा। झारखंड में रांची को रेड जोन में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग के सचिव नितिन मदन कुलकर्णी ने कहा कि भारत सरकार द्वारा सभी राज्यों के रेड, ऑरेंज एवं ग्रीन जोन जारी किए गए हैं। झारखंड में रांची को रेड जोन में रखा गया है, वहीं नौ अन्य जिलों को ऑरेंज जोन में रखा गया है। इसके साथ ही बाकी सारे जिले ग्रीन जोन में है। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार वैसे जिले, जो ऑरेंज जोन में हैं, यदि वहां 21 दिनों तक कोई भी कोरोना पॉजिटिव नहीं मिलता है तो उसे ग्रीन जोन में डाल दिया जाएगा।

कुलकर्णी ने  बताया कि राज्य में अभी कुल 33 कंटेनमेंट जोन निर्धारित किए गए हैं, जिनमें से 15 रांची में हैं। इन कंटेनमेट जोन में लॉक डाउन का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। इन जगहों से न किसी को बाहर जाने और न ही किसी को  अंदर आने की अनुमति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य में कोरोना से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा हर संभव प्रयास किये जा रहे है।

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राज्य में फेस मास्क, पीपीई किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। इसे प्रत्येक जिला में भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करा दिया गया है। साथ ही इनका केंद्र में भी स्टॉक रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित को उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने बताया कि राज्य में कोविड-19 की जांच हेतु 4 जांच केंद्र कार्य कर रहे हैं। राज्य के  3  मेडिकल संस्थानों में भी लैबोरेट्री का निर्माण कराया जा रहा है, जो जल्द ही तैयार हो जाएगा। इसके साथ ही आईसीएमआर द्वारा कुछ प्राइवेट जांच घरों को अनुमति देने हेतु कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जहां वैसे लोग, जो अपना खुद से टेस्ट करवाना चाहते हैं, वे टेस्ट करवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में अभी कोरोना के 84 एक्टिव केस हैं। राज्य का डेथ रेट 2.80% है। मरीजों की सही से देखभाल हो सके, इसके लिए राज्य में अभी 206 वेंटिलेटर बेड भी उपलब्ध हैं।

बाहर फंसे लोगों को वापस लाने की व्यवस्था हो रही है

आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अमिताभ कौशल ने बताया कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार राज्य में झारखंड के बाहर फंसे लोगों को वापस लाने की व्यवस्था की जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए मापदंडों के अनुरूप ही उनके आवागमन हेतु तैयारी की जा रही है। केंद्र सरकार के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अन्य राज्यों द्वारा भी यह कहा गया है कि जो लोग दूर के राज्यों में फंसे हैं, उनको राज्य में वापस लाने में बस की सुविधा पर्याप्त नहीं होगी। इस हेतु राज्य सरकारों ने कुछ स्पेशल ट्रेन चलाने की बात केंद्र सरकार से की है। लेकिन जो राज्य झारखंड के सटे राज्य हैं, वहां से बसों से आवागमन की सुविधा की जा सकती है। वहां के लिए राज्य सरकार तैयारियां कर रही है। आज से ही बसें भेजनी की तैयारियां की जा रहीं हैं। राज्य सरकारें आपस में समन्वय कर रही हैं कि उनके राज्य के वैसे लोग, जो झारखंड में फंसे हैं, झारखंड से जाने वाली बसें उन्हें लेकर जाएंगी तथा वहां से झारखंड के वैसे लोगों को वापस लाने का कार्य करेंगी, जो उस राज्य में फंसे हैं। उन्होंने बताया कि इसके बाद वापस आने वाले लोगों की सबसे पहले स्क्रीनिंग की जाएगी और आवश्यकता अनुसार होम क्वॉरेंटाइन या  क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा जाएगा। अपना क्वॉरेंटाइन पूरा करने के बाद ही वे घर जा सकेंगे अथवा सामान्य रूप से रह पाएंगे।

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