झारखंड में 25 करोड़ मानव दिवस का सृजन, 20 हजार करोड़ पारिश्रमिक

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ऐक्शन में दिखे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन। मंगलवार को धनबाद नगर निगम के कुछ अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।
ऐक्शन में दिखे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन। मंगलवार को धनबाद नगर निगम के कुछ अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।

रांची। झारखंड सरकार ने घर लौट रहे मजदूरों को ध्यान में रख 25 करोड़ मानव दिवस का सृजन का लक्ष्य रखा है और इसके लिए 20 हजार करोड़ रुपये के पारिश्रमिक भुगतान का। दूसरे राज्यों से लौटे झारखंड के प्रवासी मजदूरों के पुनर्स्थापन के लिए राज्य सरकार ने योजना बनायी है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित बिरसा हरित ग्राम योजना, नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजना और वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना का इसी लक्ष्य को हासिल करने के उद्देश्य से आज शुभारंभ किया।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रारंभ की जा रही तीन योजनाओं के माध्यम से 25 करोड मानव दिवस सृजन करने का लक्ष्य है। इससे करीब 20 हजार करोड़ रुपये लाखों श्रमिकों को उनके पारिश्रमिक के रूप में प्राप्त होंगे। यह संकट का समय है। ईमानदारी व तत्परता से काम करें, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंदों को योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके। झारखंड आज कोरोना संक्रमण से जूझ रहा है। यह बड़ी चुनौती है।

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हमें सीमित संसाधनों के बल पर स्वास्थ्य सुविधा, प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का सृजन करना है। झारखंड का रोजगर खेतों से जुड़ा है। संक्रमण के दौर में उद्योग बंद हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में भुखमरी व बेरोजगारी की स्थिति उत्पन्न न हो, इस निमित्त कार्य योजना तैयार कर ली गई है। शुरू की गई योजनाएं निर्णायक भूमिका निभाने वाली होंगी। ये बातें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ग्रामीण विकास विभाग से संबंधित योजनाओं के शुभारंभ कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।

50 हजार वार्षिक आमदनी में होगा सहायक

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत फलदार पौधा लगाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसमें बुजुर्गों और विधवा महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि उनके लिए भी रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। योजना के जरिये सरकार सड़क किनारे, सरकारी भूमि, व्यक्तिगत या गैर मजरुआ भूमि पर फलदार पौधा लगाया जाएगा। इन पौधों की देखभाल की जिम्मेवारी ग्रामीणों की होगी। उन्हें पौधा का पट्टा भी दिया जाएगा, जिससे वे फलों से आमदनी कर सकें। पौधरोपण के करीब तीन वर्ष बाद प्रत्येक परिवार को 50 हजार रुपये की वार्षिक आमदनी होने की संभावना है। साथ ही फलों की उत्पादकता बढ़ने की स्थिति में फलों के प्रसंस्करण करने की भी योजना पर सरकार कार्य कर रही है।

राज्य में खेल की असीम संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। सरकार ने पंचायत स्तर पर खेल का मैदान निर्माण करने की योजना शुरू की है। वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना के माध्यम से जहां एक ओर सरकार खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के कार्य करेगी, वहीं खेल के माध्यम से नौकरी में आरक्षण भी दिया जाएगा। खिलाड़ियों को खेल के रास्ते देश व राज्य के विकास से जोड़ना है। राज्य के खिलाड़ियों ने सीमित संसाधनों के बल पर देश और दुनिया में राज्य का मान बढ़ाया है।

झारखंड के खिलाड़ी पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों से भी बेहतर प्रदर्शन करने की क्षमता रखते हैं। बस उसे निखारने की आवश्यकता है। इस योजना का नाम वीर शहीद पोटो हो करने का उद्देश्य वर्तमान एवं आने वाली पीढ़ी को वीर शहीद की वीरता से अवगत भी कराना है। वीर शहीद पोटो हो ने सिंहभूम में अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका था। 1 जनवरी 1838 को सेरेंगसिया घाटी में वीर शहीद पोटो हो शहीद हो गए थे। इसलिए खूंटपानी में हर वर्ष पहली जनवरी को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।

भूमिगत जल का संवर्धन करना जरूरी है

मुख्यमंत्री ने बताया कि नीलाम्बर पीताम्बर जल समृद्धि योजना के माध्यम से पांच लाख करोड़ लीटर जल वृद्धि की योजना है। भूमिगत जल का संवर्धन आज के समय की जरूरत है, जिसका आभास हमसब को है। योजना के माध्यम से बंजर भूमि को खेती योग्य बनाना है।

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झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि इस कठिन परिस्थिति में विभाग द्वारा योजनाओं को लागू किया जा रहा है। किसानों को लाभ देने के लिए नीलाम्बर पीताम्बर जल समृद्धि योजना लागू की गई है। सामाजिक दूरी बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार देने का प्रयास होगा। श्रमिक राज्य लौट रहे। उन्हें सीमित संसाधनों के बल सरकार रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्यरत है। झारखंड में जल संचय जरूरी है, ताकि बहुफसलीय खेती की जा सके। पौधरोपण पूर्व से ही होता रहा है, लेकिन अब पौधरोपण कर आर्थिक लाभ लोगों को पहुंचाना है। युवाओं को खेल में अपनी क्षमता दिखाने के उद्देश्य से खेल का मैदान तैयार करने का कार्य होगा। मनरेगा के तहत तेजी से काम का सृजन कर लोगों को रोजगार देना प्राथमिकता है।

राज्य को जो चाहिए, उसे धरातल पर उतारा जा रहा है

झारखंड के पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथलेश ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार की यह अनूठी पहल है। यह राज्य के लिए सुनहरा दिवस है। झारखण्ड की धरती को जो चाहिए उसे धरातल पर उतारा जा रहा है। योजनाओं से कृषि की उत्पादकता क्षमता में वृद्धि होगी। खेल विकास योजना से राज्य की प्रतिभाओं को निखारने में सहायक होगा। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत फलदार पौधा लगाने की योजना है, इस कार्य से किसानों को लाभ तो होगा साथ ही पर्यावरण का संरक्षण भी हो सकेगा। इन योजनाओं के माध्यम से पलायन का कलंक भी सरकार धो सकेगी।

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