गोपालगंज। सुनने में आश्चर्यजनक लग सकता है, पर है साढ़े सोलह आने सच। गोपालगंज जिले की एक महिला ने नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान से प्रेरणा लेकर शौचालय बनाने की ठानी। पैसे की तंगी से यह संभव नहीं दिख रहा था। उसने अपने गहने बेच डाले और अंततः शौचालय बनवा डाला।
महिला ने शौचालय के लिए अपने जेवर बेच डाले, यह खबर आसपास के गांवों में फैल गयी। महिला का मानना है कि उसने शौचालय बनवा कर न सिर्फ नरेंद्र मोदी के सफाई अभियान में अपनी छोटी भूमिका का निर्वाह किया है, बल्कि महात्मा गांधी के स्वच्छता के सपनों को भी साकार किया है।
गोपालगंज प्रखण्ड अंतर्गत मांझा पूर्वी पंचायत के वार्ड 8 वृति टोला गांव के मोतीलाल महतो की पत्नी लालमती देवी ने अपनी मांग का टीका और कान का फूल 10 हजार रुपये में बेच कर शौचालय का निर्माण करवाया। सोहनी-रोपनी कर परिवार की परवरिश करने वाली महिला 10 हजार रुपये खर्च कर शौचालय बनवाने में सक्षम नहीं थी। उसके परिवार के लोग खुले में शौच के लिए जाते थे। लगातार स्वच्छता कर्मियों द्वारा शौचालय बनाने के लिए दबाव बनाया जा रहा था तथा बार-बार समझाया जा रहा था कि खुले में शौच करने से अनेक प्रकार की बीमारियां फैलती हैं। घर की बहू और बेटी को शौच करते बाहर में लोग देखते हैं।
स्वच्छता कर्मियों की बात पर अमल करते हुए उसने शौचालय बनाने की बात ठान ली, लेकिन आर्थिक संकट सिर पर सवार था। एक उपाय उसे सूझा। उसने शौचालय बनाने के लिए अपने जेवर बेच दिये। इसका विरोध परिवार वाले करते रहे, लेकिन परिवार के विरोध की परवाह किये बगैर लालमती ने जेवर बेच शौचालय बनाकर कर अपनी बहू और बेटी को को बाहर में शौच करने से रोकने का बंदोबस्त कर दिया।
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